सूरजपुर वन मंडल का 2020 वाला फलदार वृक्षारोपण पूरा फेल—ई-ग्रीन वॉच में 90% डेटा फर्जी, और बिल 100% भुगतान !

Bhandafodnews.com के लिए ✍️ अब्दुल सलाम कादरी  कि रिपोर्ट 

वर्ष 2020 का RF 2526 फेल—इसी वर्ष किए गए अन्य वृक्षारोपण भी जमीन पर नदारद।

रेंजर–SDO–DFO स्तर पर वसूली का संरक्षण, फाइलें PCCF/पूर्व CAMPA CEO के स्तर पर वर्षों से रोक दी जाती हैं

KML फाइलें आंध्र–कर्नाटक की, फोटो रेंज ऑफिस के… और साइट पर एक भी पौधा नहीं!

🔴 रिपोर्ट में क्या सामने आया ?

कुल 10 हेक्टेयर का फलदार वृक्षारोपण—आज पूरी तरह फेल

पोर्टल पर 3058 पौधों का Plantation shown—but ground पर नहीं के बराबर

Estimate Year 2020, 2021 और 2022—तीनों में बिल 100% पास, पर काम 0%

ई-ग्रीन वॉच में अपलोड

गलत फोटोग्राफ

गलत KML

गलत प्रोग्रेस

गलत गतिविधियाँ

राष्ट्रीय CAMPA को भेजी गई कई शिकायतें, पर छत्तीसगढ़ CAMPA स्तर पर फाइलें रोक दी गईं

वसूली सिर्फ वनरक्षक, वनपाल, डिप्टी रेंजर तक—बाकी रेंजर, SDO, DFO को बचाया गया

यही नहीं, वर्ष 2020 में सूरजपुर के अधिकतर CAMPA Plantation 80 से 100% फेल पाए गए

 

⭐ पूरा विस्तृत इन्वेस्टीगेशन रिपोर्ट

1. वृक्षारोपण RF 2526 की मूल जानकारी — जो पोर्टल पर दिखाई गई

Total Proposed Area: 10.00 हेक्टेयर

Division: Surajpur

Circle: Sarguja

Species Planned: 9 प्रकार

Total Plants Proposed: 3058

Total Approved Money:

PPO Year 2020 – ₹7,88,000

FYO Year 2021 – ₹9,00,000

SYO Year 2022 – ₹7,20,000

Total Estimated Expenses: ₹24 लाख से अधिक

कागजों पर यह Plantation पाँच वर्षों के Maintenance Cycle में है।
लेकिन वास्तविकता इसके उलट है—

2. वास्तविक स्थिति—जमीन पर कुछ नहीं, लेकिन कागज पर 100% जीवित

स्थानीय निरीक्षण, शिकायतकर्ता स्रोतों और पोर्टल डेटा के तुलनात्मक विश्लेषण में सामने आया कि—

✔ पौधारोपण लगभग 100% फेल

✔ जगह पर पौधे नहीं
✔ न फेंसिंग
✔ न गड्ढे
✔ न रखरखाव
✔ न कोई CBO या Survey का रिकॉर्ड
✔ न किसी वर्ष की मेंटेनेंस गतिविधि

लेकिन पोर्टल पर—

✔ Three-Year Plantation = 100% Completed

✔ 3058 पौधे “प्लांटेड” दिखाए गए
✔ साइट फोटो अपलोड—पर असली साइट के नहीं
✔ KML फ़ाइलें—लोकशन दूसरे राज्यों की!
✔ कोई देसी फोटो या Geo-tagged image नहीं

3. ई-ग्रीन वॉच में गंभीर गड़बड़ियाँ: 90% डेटा फेक

जाँच में सामने आए प्रमुख फर्जीवाड़े:

1️⃣ KML फाइलें—आंध्र प्रदेश/कर्नाटक के गांवों की लोकेशन

स्थानीय खुलासा:
→ RF 2526 की KML फाइल खुलने पर मैप दूसरे राज्यों में खुलता है, सूरजपुर में नहीं।

2️⃣ फोटो—रेंज ऑफिस/विभिन्न ऑफिस के गेट की तस्वीरों को साइट फोटो बताया गया

→ कुछ Plantation की फोटो में तो भवन साफ दिखते हैं।

3️⃣ प्रोग्रेस रिपोर्ट—कॉपी-पेस्ट, सब जगह एक जैसा डेटा

→ हर Plantation में “100% Completion”
→ हर साल समान डेटा
→ Tally करने पर पता चलता है कि यह एंट्री करने वाले क्लर्कों द्वारा कॉपी-पेस्ट किया गया है।

4️⃣ जीवित पौधों का दावा—90% से अधिक!

→ जबकि जमीन पर 10% भी नहीं
→ Inter-Circle Inspection में 70–90% जीवित का प्रमाणपत्र!

4. वसूली—निचले स्टाफ से की गई, अफसर बचा लिए गए CAMPA नियमों के अनुसार—

Fail Plantation = नर्सरी इंचार्ज → फील्ड स्टाफ → रेंजर → SDO → DFO तक की वसूली

लेकिन सूरजपुर केस में—

✔ वनरक्षक, वनपाल, डिप्टी रेंजर तक से Recovery

✖ रेंजर–SDO–DFO पर No Action

फाइलें PCCF/CAMPA कार्यालय में वर्षों तक “Queries Raised” में रुकी रहीं।

शिकायतकर्ताओं को जवाब—

“यह शासन स्तर की कार्रवाई है, फाइल सरकार को भेज दी गई है।”

“ऊपर से जैसे निर्देश आएँगे, वैसे करेंगे।”

लेकिन निर्देश कभी आते ही नहीं।

यही नहीं—

त्रिपाठी SDO पर कांग्रेस कार्यकाल में की गई वसूली—
कांग्रेस शासन गिरते ही “प्रभावहीन” कर दी गई।

यानी कि—
शासन बदलते ही Recovery बदल दी गई।

5. सूचनाओं में पारदर्शिता पूरी तरह खत्म—RTI पर विभाग का ताला

RTI के जवाब:

GPS Location नहीं देंगे

Bill / Voucher नहीं देंगे

Master Roll नहीं देंगे

Work File नहीं देंगे

Progress Photos नहीं देंगे

RTI अपीलीय अधिकारी–सूरजपुर का कथन (शिकायतकर्ता दस्तावेज के अनुसार):

“PCCF श्रीनिवास राव ने सख्त मना किया है कि कोई भी जानकारी बाहर नहीं जानी चाहिए।”

दूसरी अपील में भी यही जवाब—

“CAMPA कार्य sensitive है, जानकारी नहीं दी जा सकती।”

6. असली सवाल—जब Plantation फेल है तो भुगतान 100% कैसे ?

RF 2526 केस में यह साफ दिखता है कि:

1. PPO में ₹7,88,000

2. FYO में ₹9,00,000

3. SYO में ₹7,20,000

 

= Total लगभग ₹24 लाख व्यय

लेकिन—

साइट फेल

पौधे मर चुके

फेंसिंग नहीं

गड्ढे नहीं

खाद/गोबर/ नीम खल्ली/यूrea कुछ नहीं

मजदूरी भुगतान के कोई रिकॉर्ड नहीं

Geo-tag फोटो नहीं

इससे साफ है कि—

सरकारी पैसा ग्रहण कर लिया गया—पर काम शून्य।

7. क्यों जरूरी है सोशल ऑडिट?

राष्ट्रीय CAMPA द्वारा भेजे धन का उद्देश्य—

वनों का पुनर्स्थापन

जैव विविधता की रक्षा

पर्यावरण संरक्षण

जलवायु परिवर्तन नियंत्रण

लेकिन वर्तमान स्थिति में CAMPA पैसा—

कागजों में Plantation, जमीन पर घोटाला।

सोशल ऑडिट आवश्यक इसलिए है—

1. पोर्टल डेटा vs. जमीन—तथ्य सामने आएंगे

2. गलत KML उजागर होगी

3. गलत फोटो पकड़ में आएंगे

4. फर्जी प्रोग्रेस रिपोर्ट सामने आएगी

5. असली दोषी अधिकारी चिन्हित होंगे

6. Recovery “केवल निचले स्टाफ” से नहीं—वास्तविक निर्णय लेने वाले अफसरों से होगी

7. जनता का पैसा बच सकेगा

 

🌳 सूरजपुर का वृक्षारोपण घोटाला “पेपर प्लांटेशन स्कैम” का बड़ा केस

RF 2526 सिर्फ एक उदाहरण है

2020 के लगभग सभी Plantation फेल

CAMPA फंड का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग

ई-ग्रीन वॉच में भारी फर्जीवाड़ा

वरिष्ठ अधिकारियों को सुरक्षा कवच

निचले कर्मचारियों को बलि का बकरा बनाना

फाइलें PCCF/CAMPA कार्यालय में वर्षों तक दबी रखना

RTI में Zero Transparency

और जनता का 24 लाख से अधिक नुकसान केवल एक Plantation में

 

📌  श्रीनिवास राव की भूमिका क्या थी?

पूर्व CEO छत्तीसगढ़ CAMPA और वर्तमान PCCF श्रीनिवास राव पर गंभीर आरोप…
सूरजपुर सहित पूरे प्रदेश में फेल वृक्षारोपण, फर्जी ई-ग्रीनवॉच अपलोडिंग, गलत KML फ़ाइलें, नाकाम मॉनिटरिंग और करोड़ों के कैम्पा बजट की अव्यवस्था में श्रीनिवास राव की भूमिका लगातार सवालों के घेरे में रही है। आरोप है कि—

1️⃣ CAMPA में भ्रष्ट व्यवस्था की जड़ राव की कार्यशैली से बनी

जब वे CEO CAMPA थे, तभी से फिजिकल वेरिफिकेशन को कमजोर किया गया, रिपोर्टों पर बिना जांच मंजूरी दी जाने लगी और डिवीज़नों को “बस ऑनलाइन अपलोड कर दो” वाला सिस्टम लागू कराया गया। इसी वजह से—

फर्जी फ़ोटो, फर्जी KML,

गलत लोकेशन,

दूसरे राज्यों के गांवों की KML,

और बिना प्लांटेशन साइट पर गए मंजूरी
जैसी गड़बड़ियां बड़े स्तर पर पनपीं।

2️⃣ अधिकारियों की वसूली रोकने में अहम भूमिका

शासन नियम के अनुसार फेल वृक्षारोपण की वसूली वनरक्षक से लेकर DFO तक होनी चाहिए, लेकिन आरोप है कि—

रेंजर, SDO और DFO की फाइलें

श्रीनिवास राव के कार्यकाल में ही
बार-बार क्वेरी लगाकर सालों तक रोक दी गईं।
इससे बड़ी जिम्मेदारी वाले अधिकारी बच गए, केवल फील्ड स्टाफ पर वसूली का बोझ डाला गया।

3️⃣ फर्जी ई-ग्रीन वॉच और डाटा अपलोडिंग को अनदेखा करना

लगभग 90% अपलोडिंग गलत होने की शिकायतें मिलने के बावजूद CAMPA मुख्यालय द्वारा कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया।

बिना साइट विज़िट

बिना फ़ोटो

बिना जियोटैग
फिर भी भुगतान होता रहा।

4️⃣ राष्ट्रीय CAMPA द्वारा फंड रोकने की वजह वही बने

बढ़ती शिकायतों के बाद राष्ट्रीय CAMPA प्राधिकरण ने—

2024-25 और 2025-26 के अधिकांश कार्यों को स्वीकृति नहीं दी,

राज्य CAMPA की स्टार्निंग कमेटी अटक गई,

और प्रदेश में कैम्पा कार्य लगभग ठप हो गए।

यह स्थिति उसी अव्यवस्था का परिणाम मानी जा रही है जो राव के CEO कार्यकाल में पैदा हुई थी।

 

Bhandafodnews.com के लिए ✍️ अब्दुल सलाम कादरी कि रिपोर्ट 

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