CAMPA Plantation में करोड़ों की लूट: DPR से हटकर कागज़ी काम, RTI में भी अंधेरा

CAMPA Plantation Scam: DPR आधारित कार्यों में अनियमितता, RTI भी बेअसर – bhandafodnews.com इन्वेस्टिगेशन

(अब्दुल सलाम कादरी का जीरो पॉइंट से विशेष रिपोर्ट)

छत्तीसगढ़ राज्य CAMPA के तहत वृक्षारोपण, नदी तट हरितीकरण, बांसारोपण, और सोइल–मॉइस्चर कंज़र्वेशन पर हर साल करोड़ों खर्च होते हैं।
लेकिन जमीनी सच्चाई कुछ और ही दिखाती है।

bhandafodnews.com  द्वारा किए गए इन्वेस्टिगेशन, RTI दस्तावेज़ों, अपील आदेशों और फील्ड रिपोर्टों से पता चलता है कि अधिसंख्य प्रोजेक्ट DPR के अनुसार नहीं हुए, लेकिन BILL–Voucher–UC पूरी तरह निकाल ली गई।

DPR vs Ground Reality: 80% फेल plantation को 90% जीवित दिखाया गया

DPR में:

मिट्टी बदलना

खाद/गोबर

नीम खल्ली

फेंसिंग

सिंचाई

3 वर्षों का रख-रखाव

80% जीवित पौधों का नियम

 

लेकिन वास्तविकता:

मिट्टी नहीं बदली

खाद नहीं डाली

फेंसिंग अधूरी

पौधे सूखे

निंदाई–गुड़ाई नहीं

सिंचाई का रिकॉर्ड झूठा

और बाक़ी कागज़ में 100% कार्य पूर्ण

व्हिसलब्लोअर्स के अनुसार:
“10% जीवित पौधों को 90% जीवित दिखाकर रिपोर्ट भेजी जाती है।”

RTI में सबसे बड़ा खेल: जानकारी न देना, तृतीय पक्ष बोलकर भाग जाना

सूचना के अधिकार के तहत:

Plantation की GPS लोकेशन नहीं

बिल–वाउचर नहीं

मास्टर रोल नहीं

उपयोगिता प्रमाण पत्र (UC) नहीं

DPR कॉपी नहीं

साइट प्लान नहीं

RTI में सामान्य जवाब:

“तृतीय पक्ष सूचना”

“विशिष्ट जानकारी नहीं मांगी गई”

“ऑफिस में उपलब्ध नहीं”

“CAMPA हेड के निर्देश: सूचना न दें”

अपीलीय अधिकारी का कथित बयान:

“PCCF राव साहब ने निर्देश दिया है कि CAMPA की कोई जानकारी बाहर नहीं जाएगी। आप अपील निरस्त कर दिया करो।”

यह एक अत्यंत गंभीर आरोप है, जिसके लिए स्वतंत्र जांच आवश्यक है।

फर्जी फोटोग्राफी: पुराने स्ट्रक्चर को नया बताकर राशि आहरित

कई River Bank Plantation 100% फेल

Bamboo Plantation लगभग असफल

Mixed Plantation में 70–80% मृत

लेकिन रिपोर्ट 70–100% जीवित पौधे अर्थात सफल वृक्षारोपण

स्रोतों के अनुसार कैम्पा के अन्य कार्यों कि भी यहीं स्थिति है जैसे :
“पुरानी चेक डैम / गड्डों / तालाब पर नया रंग रोगन करके नई फोटो लगा दी जाती है।” पुराने वृक्षारोपण पर नया वृक्षारोपण करा दिया जाता है।

फाइलों का खेल: शिकायतें उन्हीं अधिकारियों को भेजना जिन पर आरोप

शिकायत DFO को

अपील CCF को

गंभीर शिकायत PCCF को

और तीनों का एक ही जवाब:
“फ़ाइल ऊपर भेजी है… फ़ाइल वापस आएगी तो कार्रवाई होगी।”

शिकायतकर्ता कहते हैं:
“ऊपर कभी फ़ाइल वापस आती ही नहीं।”

RTI कार्यकर्ताओं को कथित धमकी: “पत्रकारिता बचाकर रखो, विभाग के खिलाफ मत लिखो”

RTI कार्यकर्ताओं–पत्रकारों के अनुसार उन्हें यह सलाह/धमकी दी जाती है:

“ऊपर तक सेटिंग है, तुम कुछ नहीं कर पाओगे।”

“मंत्री, सचिव, आयोग—सब संभाला जाता है।”

“न्यायपालिका में भी हमारी सेटिंग है, बेटा–दामाद सब घूमने आते हैं।”

(ये सभी बयान शिकायतकर्ताओं के आरोप हैं, जिनकी स्वतंत्र जांच आवश्यक है)

क्या PCCF को अपना पक्ष साफ करना चाहिए?

यह रिपोर्ट विभाग पर लगे गंभीर आरोपों का संकलन है।
इसलिए अपेक्षा है कि:

👉 PCCF एवं CAMPA प्राधिकरण इन आरोपों पर आधिकारिक बयान जारी करें।
👉 यदि आरोप निराधार हैं → साक्ष्य सहित खंडन किया जाए।
👉 यदि आरोप सत्य हैं → EOW/ACB/CAG से जांच कराई जाए।

जंगलों का भविष्य इस पारदर्शिता पर निर्भर करता है।

जंगल बचे या न बचे… पर फाइलों में हरियाली पूरी है

CAMPA जैसी संवेदनशील राष्ट्रीय योजना में लगातार अनियमितताओं के आरोप
देश की पर्यावरण सुरक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।

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