पूर्व CAMPA CEO व्ही श्रीनिवास राव की कार्यशैली पर नया खुलासा: करोड़ों की योजनाएँ अटकीं, जंगलों का विकास रुका, CAMPA के अंदरूनी खेल का बड़ा खुलासा।”

CAMPA के अंदरूनी दस्तावेज बताते हैं कि श्रीनिवास राव के CEO रहने के दौरान कई योजनाओं में फिजूलखर्ची, गलत प्रायोरिटी सेटिंग और फंड डायवर्जन जैसे आरोप सामने आए थे।

इन आरोपों के चलते राष्ट्रीय कैम्पा प्राधिकरण सतर्क हो गया। फलस्वरूप—

राज्य CAMPA के दो वित्तीय वर्षों (2024-25 एवं 2025-26) के लिए प्रपोज्ड APO पर राष्ट्रीय कैम्पा की अंतिम अनुमति अब तक रूकी हुई है।

यह स्थिति किसी एक जिले या एक परियोजना तक सीमित नहीं है—बल्कि पूरे राज्य के कैम्पा पोर्टफोलियो को प्रभावित कर चुकी है।

फ़ील्ड रिपोर्टों में सामने आया है कि—

कई जिलों में मंजूर कार्यों के लिए भुगतान रुके हुए हैं

पौधरोपण/सुरक्षा कार्यों में भारी विलंब हुआ

बजट होने के बावजूद टेंडर प्रक्रियाएं नहीं चल पा रहीं

विभागीय फील्ड स्टाफ लगातार असमंजस में काम कर रहा है

वन विभाग के अंदर इस अव्यवस्था की एक बड़ी वजह पूर्व CEO द्वारा छोड़ा गया वही “अव्यवस्थित सिस्टम” बताया जा रहा है, जिसे ठीक करने में विभाग पिछले एक वर्ष से संघर्ष कर रहा है।

पूर्व CAMPA CEO श्रीनिवास राव पर गंभीर सवाल: राष्ट्रीय CAMPA प्राधिकरण में शिकायतों का अंबार, राज्य CAMPA की स्वीकृतियाँ रोकी गईं

छत्तीसगढ़ CAMPA से जुड़ी भ्रष्टाचार की फाइलें अब नई दिशा में जाती दिख रही हैं। सूत्रों के अनुसार, जब IFS श्रीनिवास राव CAMPA के CEO थे, तब उनके कार्यकाल में:

CAMPA फंड की अत्यधिक निकासी,

DPR विरोधी कार्य,

बिना मस्टररोल भुगतान,

GPS लोकेशन न देने,

फर्जी निरीक्षण रिपोर्ट,

भारी भरकम खरीद मदों में गड़बड़ी

जैसे गंभीर आरोप राष्ट्रीय CAMPA प्राधिकरण (NCA), नई दिल्ली तक पहुँच चुके थे।

NCA ने लगातार ‘अनियमितताओं’ पर सवाल उठाए

सूत्रों के मुताबिक, NCA ने राज्य CAMPA पर कई बार प्रश्न खड़े किए कि—

पौधारोपण के वास्तविक प्रमाण कहाँ हैं?

हजारों फायर वॉचर कहाँ तैनात हैं?

मिट्टी–नमी संरक्षण कार्य कहाँ हुए?

करोड़ों की सड़क, काजवे और बैरियर निर्माण का वास्तविक सत्यापन कहाँ है?

इन्हीं शिकायतों और सवालों के कारण, पिछले लगभग 1 वर्ष से NCA ने छत्तीसगढ़ द्वारा भेजे गए 2024–25 और 2025–26 APO के अधिकांश मदों को स्वीकृति नहीं दी।

परिणाम—छत्तीसगढ़ में CAMPA के कार्य ठप

राव के पिछले कार्यकाल में हुई अनियमितताओं के आरोपों का प्रभाव आज भी राज्य पर दिख रहा है—

बड़े काम बंद

वन विकास योजनाएँ रुकी

नदी-तट प्लांटेशन 100% फेल

स्टाफ क्वार्टर्स, फेंसिंग, संरक्षण कार्य अधर में

फील्ड स्टाफ को भुगतान में देरी

राव पर यह भी आरोप: शिकायतें उन्हीं के पास, कार्रवाई शून्य

सूत्र बताते हैं कि CAMPA से जुड़ी सभी शिकायतें उन्हीं अफसरों के पास भेज दी जाती हैं जिन पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं, और फिर वे उन्हें सालों तक pending रखकर रफा-दफा कर देते हैं।

एक वरिष्ठ अधिकारी के शब्द:

> “जैसे ही कोई शिकायत आती है, कहा जाता है—‘PCCF ने फाइल ऊपर भेज दी है, ऊपर से निर्देश आएंगे तब कार्रवाई होगी।’ लेकिन फाइलें सालों से वही पड़ी हैं।”

 

कल आने वाली भाग-3 रिपोर्ट में—
भ्रष्टाचार के मॉडल, CAMPA फंड डाइवर्जन, 1500 करोड़ प्रस्तावों में छुपी खामियाँ, और राज्य की कानून व्यवस्था तक प्रभाव डालने वाले आरोपों की पड़ताल।

✍️ अब्दुल सलाम कादरी की कलम से…

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